टीटीपी (TTP) क्या है?
टीटीपी (TTP) का पूरा नाम तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (Tehrik-i-Taliban Pakistan) है। यह पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिम में सक्रिय एक कट्टरपंथी इस्लामिक और आतंकवादी संगठन है, जिसका मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान की सरकार और सेना को उखाड़ फेंकना और वहां अपने कठोर शरिया कानून की व्यवस्था स्थापित करना है।
टीटीपी से जुड़े मुख्य बिंदु:
* गठन: इस संगठन की स्थापना दिसंबर 2007 में Baitullah Mehsud (बैतुल्लाह महसूद) के नेतृत्व में हुई थी। इसमें पाकिस्तान के कबायली इलाकों (विशेष रूप से फाटा क्षेत्र) में सक्रिय कई छोटे-छोटे जिहादी और विद्रोही गुटों को मिलाकर एक छतरी के नीचे लाया गया था।
* अफगान तालिबान से संबंध: वैचारिक और ऐतिहासिक रूप से टीटीपी और अफगानिस्तान के तालिबान (Afghan Taliban) एक ही वैचारिक धारा (देवबंदी विचारधारा) से ताल्लुक रखते हैं और एक-दूसरे के करीबी माने जाते हैं। हालांकि, दोनों संगठन अलग-अलग संगठनात्मक ढांचों के तहत काम करते हैं।
* पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध: भले ही अतीत में पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसी (ISI) ने अपने रणनीतिक हितों के लिए इस तरह के चरमपंथी समूहों का इस्तेमाल किया हो, लेकिन टीटीपी सीधे तौर पर पाकिस्तानी राज्य और उसकी सेना के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष लड़ता है।
* प्रमुख आतंकी गतिविधियां: टीटीपी पाकिस्तान में कई बड़े और खूनी हमलों के लिए जिम्मेदार रहा है। इसमें पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर हमले, आत्मघाती बम धमाके और दिसंबर 2014 में पेशावर के आर्मी पब्लिक स्कूल पर हुआ वह नृशंस हमला शामिल है, जिसमें 140 से अधिक स्कूली बच्चों की मौत हो गई थी।
* वर्तमान स्थिति: पिछले कुछ वर्षों में (विशेषकर 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता में वापसी के बाद) टीटीपी की ताकत और हौसले काफी बढ़ गए हैं। खैबर पख्तूनख्वा और सीमावर्ती क्षेत्रों में यह लगातार पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को निशाना बना रहा है, जिससे पाकिस्तान और अफगान तालिबान के बीच भी तनाव बना रहता है।









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