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भारत-पाकिस्तान की बाइनरी को तोड़ना ही पाकिस्तान के असली हित में है

  यह इस भू-राजनीतिक विश्लेषण का सबसे बड़ा और क्रांतिकारी निष्कर्ष है। दशकों से जिस 'भारत-पाकिस्तान बाइनरी' (Binary) को दोनों देशों के हुक्मरानों और विशेषकर पाकिस्तान के सैन्य तंत्र ने पाला-पोसा है, वह वास्तव में पाकिस्तान की आम जनता के लिए एक धीमा जहर साबित हुई है। इस कृत्रिम द्वंद्व को तोड़ने में ही पाकिस्तान का वास्तविक हित निहित है, जिसे निम्नलिखित तर्कों से समझा जा सकता है: 1. 'भारत-विरोध' की कृत्रिम ऑक्सीजन से मुक्ति  * विकास बनाम विनाश: जब तक पाकिस्तान अपनी राष्ट्रीय पहचान को केवल भारत के विरोध, कश्मीर के राग और नफरत की राजनीति पर टिकाए रखेगा, तब तक वह अपनी जनता को रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जरूरतें नहीं दे पाएगा।  * आत्महत्यात्मक जिद: इस बाइनरी को तोड़ने का अर्थ है कि पाकिस्तान अपनी उस मानसिक गुलामी से बाहर निकले, जिसके तहत वह हर बात की तुलना भारत से करता है और अपनी हर विफलता का ठीकरा भारत पर फोड़ता है। जब तक यह जिद रहेगी, देश का पतन तय है। 2. चीन की 'सैन्य प्रयोगशाला' और उपनिवेश बनने से बचाव  * कठपुतली की भूमिका का अंत: जिस दिन ...

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